बड़ा राक्षस, जादुई नदी और बच्चों का पिकनीक

सारे बच्चों ने मिलकर पिकनिक जाने का प्लान बनाया, वे पास के ही गार्डन में जाकर पिकनिक मनाना चाहते थे, लेकिन वहीं पर खड़े एक व्यक्ति ने उन्हें बताया कि चार-पांच किलोमीटर की दूरी पर एक जंगल है जहां बहुत ही अच्छा झरना है, नदी है, जीव-जंतु है जिन्हें देखने के लिए तुम लोग वहीं चले जाओ।  उस व्यक्ति की बात सुनकर बच्चों ने उस जंगल मे जाने का फैसला लिया।
सारे बच्चे मिलकर उस जंगल में साइकिल से पहुंचते हैं और एक अच्छा सा स्थान देखकर वहां पर अपना समान रखते हैं और खाना बनाना शुरू करते हैं । तभी एक बच्चा जिसका नाम राहुल था वह घूमता हुआ नदी के किनारे जाता है और उसके पीछे उसका दोस्त अमित भी जाता है अमित को देखकर उसके पीछे रीना भी जाती है रीना और अमित देखते हैं कि राहुल नदी के किनारे बैठकर उसमें पत्थर फेंक रहा है।
 वह पत्थर नदी पर ना गिर करके आसमान की ओर चला जाता है जब भी राहुल पत्थर फेंकता, वह नदी पर एक टप्पा खाकर सीधा आसमान में चला जाता, यह देखकर अमित और रीना बहुत ही आश्चर्य से राहुल को देखने लगते हैं । अमित और रीना राहुल के पास जाकर उससे पूछते हैं कि तुम जो पत्थर नदी में फेंक रहे हो, वह नदी में टप्पा खाकर आसमान की और कैसे जा रहा है ।
तब राहुल ने बताया कि मेरा गेंद खेलते वक्त इस नदी की ओर आ गया था उस गेंद को जैसे ही मैंने उठाया वह गेंद लाल रंग का खून से सना हुआ था। मैंने उस गेंद को धोने के लिए इस नदी में फेंका तो वह गेंद इस नदी में टप्पा खाकर आसमान की ओर चला गया  फिर मैंने कुछ पत्थर उठाया और इस नदी के ऊपर फेंका तो वह फिर आसमान की ओर चला गया तब से मैं लगातार पत्थर फेंक के यहां खेल रहा हूं पता नहीं वह गेंद और पत्थर कहां जा रहे हैं।

तब राहुल रीना और अमित तीनों ने मिलकर उसे नदी में पत्थर फेंका तो वह तीनों पत्थर उस नदी में डूब गए और वहां से एक विशालकाय राक्षस निकला, राहुल अमित और रीना उसे देखकर बहुत डर गए, उस राक्षस के बहुत लंबे-लंबे बाल, बड़े-बड़े दांत, और आंखें बहुत बड़ी-बड़ी थी, वह राक्षस काले रंग का कपड़ा पहना था जिसमें बहुत सारी मछलियां केकड़ा और मगरमच्छ के चित्र थे।
वह राक्षस निकालकर हा हा हा हंसने लगा और बोला मैं तुम तीनों को खा जाऊंगा तुम तीनों मेरे लिए आज का भोजन हो तुम लोगों ने इस नदी पर पत्थर मार कर बहुत बड़ी गलती की है जब एक पत्थर मारते हैं तो वह ऊपर जाकर मेरा बड़ा भाई उसे पकड़ता है और जब तीन मिलकर पत्थर मारते हैं तो वह मुझे चोट लगता है तुम लोगों ने मुझे चोट पहुंचाई है मैं तुम लोगों को खा जाऊंगा।

वहीं दूसरी और राहुल रीना और अमित के बाकी दोस्तों जो भोजन पका रहे थे वह देखते हैं कि हमारे पास तो राहुल रीना और अमित नहीं है चलो उन्हें ढूंढते हैं वे लोग भी ढूंढते ढूंढते नदी के किनारे पहुंच जाते हैं, और देखते हैं कि राहुल अमित और रीना काफी डरे हुए हैं और नदी से निकला राक्षस उन्हें खाने के लिए उसके आगे बढ़ रहा है, तब रीना ने चला कि दिखाते हुए पास में पड़े पत्थर को उठाकर उसमें भगवान का नाम लेकर अपने रक्षा के लिए प्रार्थना किया और उसे पत्थर को नदी में फेंका तो वह पत्थर उसे राक्षस के बड़े भाई के तरफ के ऊपर आसमान में चला गया।

 तब उसका बड़ा भाई तुरंत नीचे आ गया और नदी के राक्षस से कहने लगा - यह सारे बच्चे भगवान को मानने वाले हैं और इनका भगवान में सच्चा श्रद्धा है इसलिए तुम इन बच्चों को नहीं खा सकते, उनकी रक्षा मैं करूंगा तुमको यहां से जाना होगा।
सारे बच्चे यह सोचने लगते हैं कि इतने बड़े दो दो राक्षस का यहां लड़ाई होने वाला है हमको यहां से जाना चाहिए।।

तब वहां एक आदमी आता है जिसने उन्हें जंगल में पिकनिक मनाने जाने के लिए कहा था वह आदमी इन सारे बच्चों को रोक लेता है और आज तुम सारे बच्चे मेरे महाराज नदी के रक्षा का भजन बनोगे मैं तुम्हें यहां से कहीं नहीं जाने दूंगा मैंने ही तुम्हें योजना बनाकर यहां लाया है तुम सारे बच्चे मेरे मालिक के भोजन बनोगे, 

तब उसमें से एक बच्चा जिसका नाम बजरंगी था उसने साहस दिखाते हुए उसे आदमी से कहा तुम्हारे पीछे देखो वह राक्षस तुम्हें खाने आ रहा है यह कहते ही वह आदमी जैसे ही पीछे मुड़ा, सारे बच्चों ने मिलकर उसे आदमी को नदी में धक्का दे दिया ।वह आदमी जैसे नदी में गिरा राक्षस ने उसे उठा कर खा लिया और अपना भूख शांत करके नदी के अंदर वापस चला गया। 

तब वहीं खड़े राक्षस का बड़ा भाई जो आसमान से नीचे उतरा था उसने बच्चों को सिख दिया कि तुम्हें किसी भी गैर इंसान के बात को नहीं मानना चाहिए जिसे तुम नहीं जानते उसकी बात मानकर तुम इस जंगल में आ गए थे, हो सकता था आज अगर मैं नहीं आता तो आज तुम्हें यह राक्षस अपना शिकार बनाकर खा लिया होता । 
इसलिए कभी भी अपने माता-पिता के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के सलाह पर कहीं नहीं जाना चाहिए, आज से कसम खाओ कि अब से तुम अपने माता-पिता का ही बात मानोगे। यह कहते हुए बड़ा राक्षस फिर से ऊपर आसमान की ओर चला गया और सारे बच्चों ने अपना पिकनिक मना कर घर को चले आए।।

Comments

Popular posts from this blog

उदास रहने वाले खरगोश की कहानी

Big Monster, Magic River and Children's Picnic , Class 8th Moral Story